मुंबई: महाराष्ट्र में ओला और उबर ऑपरेटरों की हड़ताल के चलते मुंबई एयरपोर्ट ने यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की है। आज इस विरोध प्रदर्शन का दूसरा दिन है, और इसके चलते मुंबई एयरपोर्ट तक आने-जाने की ट्रांसपोर्ट सुविधा प्रभावित हो सकती है।
यात्रियों से अनुरोध किया गया है कि वे सफर से पहले ट्रांसपोर्ट सेवाओं की उपलब्धता की जांच कर लें और ज़रूरत पड़ने पर वैकल्पिक व्यवस्था भी कर के रखे। एयरपोर्ट प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा की योजना बेहद सावधानी से बनाएं ताकि किसी भी तरह की असुविधा न हो।
एयरपोर्ट की ओर से सभी यात्रियों का सहयोग और समझदारी के लिए धन्यवाद भी किया गया है। यह एडवाइजरी 16 जुलाई को एयरपोर्ट के आधिकारिक एक्स (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर शेयर की गई थी।
क्या है ओला-उबर की हड़ताल का मामला?
15 जुलाई 2025 से शुरू हुई यह हड़ताल आज दूसरे दिन भी जारी है। इससे मुंबई में रोज़ाना ट्रेवल करने वाले लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि हड़ताल के चलते बड़ी संख्या में ओला और उबर चालक अपनी सेवाएं नहीं दे रहे हैं।
Ola Uber Drivers Protest at Azad Maidan pic.twitter.com/nd8zEwBQ82
— Gallinews India (@gallinews) July 15, 2025
हड़ताल के पहले दिन, महाराष्ट्र के अलग-अलग हिस्सों से आए ऑटो रिक्शा चालक, टैक्सी ऑपरेटर और गिग वर्कर्स ने मुंबई के आज़ाद मैदान में एकजुट होकर प्लेटफ़ॉर्म-आधारित कंपनियों के खिलाफ प्रदर्शन किया था। उनका कहना है कि ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट ऐप आधारित ट्रांसपोर्ट कंपनियों के ख़िलाफ़ कोई सख़्त कदम नहीं उठा रहा है।
क्या है मांगे और विवाद के मुद्दे
प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग है कि सरकार को ऐप-आधारित ट्रांसपोर्ट सेवाओं (जैसे ओला, उबर, रैपिडो आदि) के लिए स्पष्ट नियम और नियंत्रण तय करने चाहिए।
हाल ही में ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट के एक पत्र में यह बताया गया था कि इन कंपनियों ने सरकारी निलंबन आदेशों के बावजूद गैरकानूनी रूप से बाइक टैक्सी और बस सेवाएं चालू रखी हैं।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि ट्रांसपोर्ट विभाग दावा कर रहा है कि रैपिडो की बाइक टैक्सी सेवा रोक दी गई है, जबकि ऐप पर अब भी बाइक टैक्सी बुकिंग हो रही है, स्थिति यह है की मंत्रालय के ऑफिस के पास भी आसानी से बाइक टैक्सी बुक की जा सकती है।
साथ ही प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि इन कंपनियां के बार-बार नियम तोड़ने के बावजूद कोई जुर्माना नहीं लगाया गया हैं।
जो नियम तोड़े जा रहे है उनमे सर्ज प्राइसिंग (ज्यादा किराया वसूलना), ड्राइवरों का शोषण और भारतीय परिवहन नियमों का उल्लंघन करना मुख्य है।
केंद्रीय परिवहन मंत्रालय पर भी सवाल
प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय परिवहन मंत्रालय की आलोचना भी की है। उनका कहना है कि मंत्रालय ने ऐप कंपनियों को दोगुना किराया वसूलने की छूट देकर गैरकानूनी ऑपरेटरों को संरक्षण दिया है और ड्राइवरों व यात्रियों दोनों के हितों की अनदेखी की है।
यात्रियों के लिए सुझाव
इस हड़ताल को देखते हुए एयरपोर्ट अथॉरिटी यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा से पहले ट्रांसपोर्ट के साधनो की पुष्टि कर ले, साथ ही एयरपोर्ट तक पहुँचने के लिए वैकल्पिक साधनों की व्यवस्था कर के रखे। इसके अलावा अपनी यात्रा को थोड़ा पहले शुरू करें ताकि एयरपोर्ट पहुंचने में कोई देरी या परेशानी ना हो।


