एड गुरु पियूष पांडे का मुंबई में 70 वर्ष की आयु में निधन हो गया। भारत के सबसे लोकप्रिय और क्रिएटिव विज्ञापन एक्सपर्ट में से एक माने जाने वाले पियूष पांडे ने कई यादगार एड कैंपेन को दिए थे, जिनमें ‘अबकी बार मोदी सरकार’ और देशभक्ति से भरपूर क्लासिक गीत ‘मिले सुर मेरा तुम्हारा’ जैसे प्रसिद्ध कैंपेन शामिल हैं।
उनके निधन की खबर सुहैल सेठ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर शेयर की।
1955 में जयपुर में जन्मे पियूष पांडे एक क्रिएटिव फॅमिली से ताल्लुक रखते थे। उनके भाई प्रसून पांडे मशहूर विज्ञापन फिल्म निर्माता हैं, जबकि उनकी बहन ईला अरुण जानी-मानी गायिका और अभिनेत्री हैं।
विज्ञापन जगत में आने से पहले, पियूष पांडे कई सालों तक क्रिकेट भी खेलते रहे। उनके पिता बैंक में नौकरी करते थे।
जयपुर के क्रिकेट मैदानों से लेकर वैश्विक पहचान तक — पियूष पांडे का सफर
1955 में राजस्थान के जयपुर में जन्मे पियूष पांडे नौ भाई-बहनों के बड़े परिवार में पले-बढ़े, जिनमें सात बहनें और दो भाई शामिल थे। इनमें फिल्म निर्देशक प्रसून पांडे और गायिका-अभिनेत्री ईला अरुण भी हैं।
जयपुर में स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने दिल्ली के सेंट स्टीफन कॉलेज से इतिहास (History) में स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल की। इसी दौरान उन्होंने राजस्थान की रणजी ट्रॉफी टीम का भी प्रतिनिधित्व भी किया था।
27 वर्ष की आयु में शुरू किया विज्ञापन जगत का सफर
1982 में 27 साल की उम्र में पियूष पांडे ने ओगिल्वी (Ogilvy) के साथ विज्ञापन की दुनिया में कदम रखा। साल 1994 में, उन्हें कंपनी के बोर्ड में शामिल किया गया।
आने वाले कई दशकों तक उन्होंने अपनी रचनात्मकता, नेतृत्व क्षमता और प्रभावशाली सोच के दम पर भारत के सबसे सम्मानित विज्ञापन एक्सपर्ट्स में अपनी पहचान बनाई।


