गोवा के नाइटक्लब ‘बर्च बाय रोमियो लेन’ आग हादसे के मुख्य आरोपी सौरभ लुथरा और गौरव लुथरा को सोमवार तक भारत लाए जाने की संभावना है। दोनों भाइयों को थाई पुलिस ने 11 दिसंबर को फुकेट में हिरासत में लिया था और फिलहाल उन्हें भारत भेजने (डिपोर्टेशन) की प्रक्रिया चल रही है।
इस बीच यह भी सामने आया है कि लुथरा भाइयों को थाईलैंड में उस समय पकड़ा गया, जब वे खाना खाने के लिए अपने होटल से बाहर निकले थे। NDTV के अनुसार सूत्रों ने को बताया कि 9 दिसंबर को थाई अधिकारियों को जानकारी मिली थी कि भारतीय पुलिस द्वारा तलाशे जा रहे ये दोनों भाई फुकेट में मौजूद हैं।

भारतीय एजेंसियों से मिली सूचना के आधार पर थाई अधिकारियों ने पहले ही उस होटल पर नजर रखनी शुरू कर दी थी, जहां ये दोनों ठहरे हुए थे। जैसे ही वे होटल से बाहर निकले, थाई इमिग्रेशन और पुलिस अधिकारियों ने उनकी पहचान और यात्रा से जुड़े दस्तावेजों की जांच की और इसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
गौरतलब है कि 6 दिसंबर को बर्च नाइटक्लब में लगी आग में 25 लोगों की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद दोनों आरोपी भारत से फरार होकर थाईलैंड चले गए थे। बाद में थाई पुलिस ने उन्हें फुकेट के एक होटल के कमरे से हिरासत में लिया।
दोनों आरोपियों के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या और लापरवाही से जुड़ा मामला दर्ज किया गया है।
लुथरा भाइयों को बैंकॉक से दिल्ली और फिर गोवा ले जाया जाएगा
लुथरा भाइयों को पहले बैंकॉक से दिल्ली लाया जाएगा और उसके बाद उन्हें गोवा ले जाया जाएगा। जैसे ही वे दिल्ली पहुँचेंगे, गोवा पुलिस दोनों को अपनी हिरासत में ले लेगी।
इस बीच, मामले में एक नया खुलासा सामने आया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सौरभ और गौरव लुथरा का बर्च क्लब के अलावा 42 अन्य कंपनियों से भी संबंध बताया जा रहा है। इनमें से कई कंपनियाँ सिर्फ कागज़ों पर ही मौजूद हैं।
बताया जा रहा है कि ये सभी कंपनियाँ दिल्ली के एक ही पते पर पंजीकृत हैं— 2590, ग्राउंड फ्लोर, हडसन लाइन, नॉर्थ वेस्ट दिल्ली।
कई शेल कंपनियों में निदेशक या पार्टनर के रूप में दर्ज हैं लुथरा भाई
कॉरपोरेट रिकॉर्ड्स के अनुसार, लुथरा भाइयों के नाम कई शेल कंपनियों और लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनरशिप (LLP) में निदेशक या पार्टनर के रूप में दर्ज हैं।
आमतौर पर ऐसी कंपनियों का इस्तेमाल बेनामी लेन-देन और मनी लॉन्ड्रिंग के लिए किया जाता है, हालांकि इस पहलू की अभी जांच जारी है।
गौरतलब है कि 6 दिसंबर को बर्च नाइटक्लब में लगी आग में कुल 25 लोगों की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद दोनों भाई भारत से फरार होकर थाईलैंड चले गए थे।
बाद में थाई पुलिस ने उन्हें फुकेत के एक होटल के कमरे से हिरासत में लिया। दोनों के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या (जो हत्या की श्रेणी में नहीं आती) और लापरवाही के आरोप दर्ज किए गए हैं।
आग के दौरान ही टिकट बुक किए गए
जांच एजेंसियों के अनुसार, सौरभ और गौरव लुथरा ने उस समय थाईलैंड जाने के लिए फ्लाइट टिकट बुक कर लिए थे, जब फायर ब्रिगेड नाइटक्लब में लगी आग पर काबू पाने और अंदर फंसे लोगों को बाहर निकालने में जुटी हुई थी।
अधिकारियों के मुताबिक, 6 दिसंबर की रात 1:17 बजे दोनों भाइयों ने एक ऑनलाइन ट्रैवल पोर्टल पर लॉग इन कर टिकट बुक किए। इसके बाद वे सुबह 5:30 बजे इंडिगो की फ्लाइट 6E 1073 से दिल्ली से फुकेत के लिए रवाना हुए।
गोवा पुलिस ने विदेश मंत्रालय और सीबीआई के माध्यम से इंटरनेशनल क्रिमिनल पुलिस ऑर्गेनाइजेशन (इंटरपोल) से उनकी गिरफ्तारी के लिए संपर्क किया था। इसके बाद इंटरपोल ने उनके खिलाफ ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी किया था।
चूंकि लुथरा भाई, उनके कारोबारी साझेदार, मैनेजर और कुछ कर्मचारी दिल्ली के निवासी हैं, इसलिए गोवा पुलिस के साथ-साथ दिल्ली पुलिस भी इस मामले की जांच कर रही है। दिल्ली में भी इस संबंध में एक अलग मामला दर्ज किया गया है।


